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    परिचय

    हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण  का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सेवाएं प्रदान करने तथा यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है कि आर्थिक अथवा अन्य अक्षमताओं के कारण किसी भी नागरिक को न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न होना पड़े। साथ ही, न्यायिक व्यवस्था के संचालन के माध्यम से समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने के लिए लोक अदालतों का आयोजन करना भी प्राधिकरण के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

    माननीय श्री न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण  के मुख्य संरक्षक हैं तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

    श्री जगदीप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वर्तमान में हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं तथा सुश्री मन्विका यादव इस प्राधिकरण की संयुक्त सदस्य सचिव हैं।

    हरियाणा राज्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण:

    हरियाणा राज्य में (22) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSAs) कार्यरत हैं। प्रत्येक जिला प्राधिकरण में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष के रूप में तथा एक समर्पित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूर्णकालिक सचिव, डीएलएसए के रूप में कार्य करते हैं।

    हरियाणा राज्य में तालुका विधिक सेवा समिति (उप-मंडलीय विधिक सेवा समिति):

    हरियाणा राज्य में एचएसएलएसए के अंतर्गत 35 तालुका विधिक सेवा समितियां कार्यरत हैं।

    संपर्क करें:
    कार्यालय: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,
    संस्थागत प्लॉट नं. 9, सेक्टर 14, पंचकूला
    फोन: 0172-2562309
    हेल्पलाइन:- 18001802057
    NALSA हेल्पलाइन:- 15100
    ईमेल: hslsa[dot]haryana[at]gmail[dot]com

    1. वार्षिक रिपोर्ट
    2. सेवाएं (1987 अधिनियम) का सारांश
    3. विधिक सेवा प्राधिकरण की रूपरेखा
    4. विधिक सेवाएं प्रदान करने के मानदंड
    5. विधिक सेवाएं प्रदान करने के तरीके